कर दूँ तुझे रुसवा पर दिल इंकार करता हैँ ,
क्योँकि दिल आज भी तुझे प्यार करता हैँ।
थी हसरत की तू मेरी दुल्हन बनेगी ,
मेरे प्यार के लिए जहाँ से लड़ेगी।
दिवानगी का शय दिल मेँ सवार रहता है
क्योँकि दिल आज भी तुझे प्यार करता हैँ।
हुआ ना मुनासिव तुझे भूल पाना ,
तेरी यादोँ का मुझको सताना ।
मैँ मुकर जाता पर दिल इकरार करता हैँ ,
क्योँकि दिल आज भी तुझे प्यार करता है।
चले थे दो कदम दिल ने पुकारा ,
न ले चल मुझे साथ नहीँ ये गवारा।
मैँ न करुँगा इंतजार पर दिल इँतजार करता हैँ ,
क्योकि दिल आज भी तुझे प्यार करता हैँ।