गुरुवार, 9 सितंबर 2010

दिल

कर दूँ तुझे रुसवा पर दिल इंकार करता हैँ ,
क्योँकि दिल आज भी तुझे प्यार करता हैँ।
     
       थी हसरत की तू मेरी दुल्हन बनेगी ,
       मेरे प्यार के लिए जहाँ से लड़ेगी।

दिवानगी का शय दिल मेँ सवार रहता है
क्योँकि दिल आज भी तुझे प्यार करता हैँ।
    
      हुआ ना मुनासिव तुझे भूल पाना ,
      तेरी यादोँ का मुझको सताना ।

मैँ मुकर जाता पर दिल इकरार करता हैँ ,
क्योँकि दिल आज भी तुझे प्यार करता है।
    
      चले थे दो कदम दिल ने पुकारा ,
      न ले चल मुझे साथ नहीँ ये गवारा।

मैँ न करुँगा इंतजार पर दिल इँतजार करता हैँ ,
क्योकि दिल आज भी तुझे प्यार करता हैँ।